सावधान! भारत में शुरू हुई नए जमाने की इंटरनेट चोरी! ऐसे रहें सेफ

आम लोग हर दिन स्पैम ईमेल, मैसेज और कॉल्स से जूझते हैं. ये मैसेज न सिर्फ हमारा इनबॉक्स फुल करते हैं, बल्कि आर्थिक नुकसान भी कर सकते हैं. जानिए दुनिया में कौन से देश सबसे ज्यादा स्पैम के शिकार हैं.


ट्रू कॉलर की रिपोर्ट के मुताबिक हर महीने आने वाली स्पैम कॉल्स के मामले में ब्राजील पहले नंबर पर है. इसके बाद पेरू, इंडोनेशिया, मैक्सिको और पांचवें स्थान पर भारत का नाम आता है.


मैसेज स्पैम की बात करें तो इनका सबसे ज्यादा शिकार इथोपिया के यूजर्स हैं. उन्हें एक महीने में 119 स्पैम मैसेज मिलते हैं. जबकि भारत सातवें स्थान पर मौजूद है. एक भारतीय यूजर को औसतन 61 स्पैम मैसेज मिलते हैं.


भारत में आने वाले स्पैम कॉल, मैसेज और ईमेल में सबसे ज्यादा ऑपरेटर से जुड़े हुए होते हैं. जबकि 17% टेलिमार्केटिंग, 10% फाइनेंशियल सेवाएं और 6% धोखाधड़ी से जुड़े मामले वाले होते हैं.


साल 2017-18 के दौरान स्पैम कॉल में इजाफा हुआ. जबकि हर 3 में 1 महिला को आपत्तिजनक मैसेज और कॉल का अनुभव करना पड़ा.




(1) एंटी वायरस अपडेट रखें. (2) ब्राउज़र अपडेट रखें- ब्राउजर यानी इंटरनेट एक्सप्लोरर, गूगल क्रोम, मोज़िला और सफारी जैसे ब्राउज़र. जिस किसी भी सिस्टम का इस्तेमाल कर रहे हों चाहे वो विंडोज़ हो, मैक या लाइनेक्स ब्राउज़र बिल्कुल अपडेट रखें.नए ब्राउज़र का काम खतरनाक साइटों को चेक करना भी होता है. (3) सिक्योर प्रोटोकॉल का इस्तेमाल करें- सिक्योर प्रोटोकॉल यानी जो लिंक खुले उसके ऊपर HTTPS है या नहीं. यहां S सबसे ज़रुरी है. ये उन वेबसाइटों के लिए जिसके ज़रिए आप क्रेडिट कार्ड से खरीदारी करते हैं. अगर S नहीं है लिंक में तो खरीदारी करने से पहले दस बार सोचें.






 

(4) किसी भी लिंक्स पर क्लिक न करें- ईमेल पर अनजाने लोगों या कंपनियों से आने वाले बिजनेस प्रस्तावों के ज़रिए धोखाधड़ी आम हो गई है. इनसे बचें. (5) पासवर्ड- पासवर्ड कभी भी अपने परिवार वालों के नाम पर या अपने बच्चों के बर्थडे की तारीखों से न रखें.ये हैक करने में आसान होते हैं.पासवर्ड में अक्षर, नंबर और संकेतों का इस्तेमाल करें.कुछ कुछ समय पर इसे बदलते रहें. किसी भी वेबसाइट पर पासवर्ड याद रखने के विकल्प रिमेंमबर मी को क्लिक न करें.